वित्त मंत्री सीतारमण ने ऊर्जा, उर्वरक और विदेशी मुद्रा पर ध्यान केंद्रित किया। उच्च कच्चे तेल की कीमतें, उर्वरक की कीमतें और सोने की कीमतें भारत के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। उच्च कीमतें भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को प्रभावित कर सकती हैं। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमें इन चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। भारत को अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कदम उठाने होंगे। हमें ऊर्जा और उर्वरक की कीमतों पर निर्भरता कम करनी होगी। भारत को अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने के लिए काम करना होगा। Source: Source Post navigation गंगा दशहरा पर कन्हर नदी तट पर होगी भव्य आरती बस्तर में नक्सल समस्या और सरकारी योजनाओं पर सवाल