भारत भर में एक चौंकाने वाला अवैध प्रजनन व्यापार सामने आया है, जिसमें शोषित महिलाएं, बिना लाइसेंस के क्लिनिक और कथित चिकित्सा लापरवाही शामिल है। जांच में पता चलता है कि एक विशाल नेटवर्क अवैध अंडा दान, सरोगेसी शोषण और संभवतः मानव तस्करी में लिप्त है, जहां कमजोर महिलाओं का बार-बार शोषण किया जा रहा है और वित्तीय अनियमितताएं सामने आ रही हैं। यह नेटवर्क देश के विभिन्न हिस्सों में फैला हुआ है और इसके पीछे के लोगों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। सरकार और स्वास्थ्य अधिकारियों को इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। अवैध आईवीएफ क्लिनिकों पर नकेल कसने और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। यह एक गंभीर मुद्दा है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है। Source: Source Post navigation क्रूड स्टॉक 78 दिनों के लिए पर्याप्त, एलपीजी की कमी नहीं पठानकोट में आशा वर्कर्स का जोरदार प्रदर्शन