भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए अब स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेनसेट तैयार किए जाएंगे, जो देश की इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस दिशा में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई ने बीईएमएल लिमिटेड को लगभग 866.87 करोड़ रुपये का अनुबंध दिया है, जिसके तहत दो प्रोटोटाइप हाई-स्पीड ट्रेनसेट विकसित किए जाएंगे। स्वदेशी निर्माण से भारत को उन्नत रेल प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और भविष्य में हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं की लागत व रखरखाव को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही घरेलू उद्योग, अनुसंधान, रोजगार और तकनीकी कौशल को भी बढ़ावा मिलेगा। यदि यह परियोजना सफल रहती है, तो भारत भविष्य में हाई-स्पीड रेल तकनीक के विकास और संभावित निर्यात के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। Source: Source Post navigation अमेरिकी सरकार ने OpenAI के नए AI मॉडल की चरणबद्ध रिलीज का निर्देश दिया Valve Steam Controller: भारी मांग के चलते डिलीवरी में देरी, 2027 तक खिंच सकती है शिपिंग