गधादर रेड्डी का बचपन से मंगल ग्रह तक पहुंचने का सपना था। इसी सपने ने उन्हें भविष्य के अंतरिक्ष यानों को हल्का और मजबूत बनाने की तकनीक तलाशने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कार्बन नैनोट्यूब को इस दिशा में एक संभावित महत्वपूर्ण सामग्री के रूप में देखा। 2011 में उन्होंने बेंगलुरु स्थित NoPo Nanotechnologies की सह-स्थापना की। इससे पहले उन्हें बताया गया था कि भारत में इस उन्नत सामग्री का औद्योगिक उत्पादन संभव नहीं है। इस टिप्पणी को उन्होंने चुनौती के रूप में लिया और अपना स्टार्टअप शुरू किया। करीब 15 साल बाद NoPo अब सिंगल-वॉल्ड कार्बन नैनोट्यूब के उत्पादन को बड़े स्तर पर बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। इस सामग्री के कई उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में इस्तेमाल की संभावनाएं हैं। इनमें बैटरी, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं। कार्बन नैनोट्यूब का उपयोग उन्नत सामग्री के विकास में भी किया जा सकता है। कंपनी का विस्तार एक महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष सपने को डीप-टेक मैन्युफैक्चरिंग उद्यम में बदलने की कहानी पेश करता है। रेड्डी ने भारत में ऐसी तकनीक के औद्योगिक उत्पादन को संभव बनाने की दिशा में काम किया है। NoPo की प्रगति देश में उन्नत सामग्री और डीप-टेक निर्माण की बढ़ती क्षमता को भी दर्शाती है। Source: Source Post navigation MG की नई 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV कल होगी लॉन्च, 500+ किमी रेंज और ADAPT प्लेटफॉर्म से लैस तेल की कीमतों और डॉलर मांग के बीच RBI ने रुपये को संभालने के लिए बाजार में किया हस्तक्षेप: रिपोर्ट