मध्य प्रदेश के मंडला में तैयार-खाने वाली पोषण आहार फैक्ट्री पर अचानक ताले लगे, जिससे फैक्ट्री बंद हो गई। यह फैक्ट्री स्थानीय स्व-सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं को रोजगार देती थी, जो घर-घर पोषण आहार पहुंचाकर कुपोषण पर अंकुश लगाती थीं। अब इस बंदी के कारण न सिर्फ़ गरीब परिवारों को सस्ती पोषण सामग्री मिलने में दिक्कत होगी, बल्कि 200 से अधिक महिलाओं की आय पर भी असर पड़ेगा। शहरी स्वास्थ्य अधिकारी कहते हैं कि इस खालीपन को भरने के लिए सरकारी सहायता और निर्देशित फंड की आवश्यकता है। एसएचजी की सदस्य ने बताया कि उन्होंने अपने परिवारों के लिये इस काम को प्राथमिकता दी थी, और अब उन्हें वैकल्पिक रोजगार खोजने का दबाव है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि जल्द ही इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एक समिति गठित की जाएगी, ताकि कुपोषण के खिलाफ चल रहे प्रयासों में बाधा न बने। Post navigation 23 मई को होगी हेमकुंड साहिब यात्रा 2026 की शुरुआत, ट्रस्ट ने सीएम को दिया न्योता पंजाब में नशे के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक: मान सरकार की मज़बूत पहल के रोमांचक परिणाम