मध्य प्रदेश के मंडला जिले के कान्हा वन्यजीव अभयारण्य में बाघों की असामान्य मौतों ने वन-प्रेमियों को हिला कर रख दिया है। हाल ही में 5 साल के मजबूत बाघ शावक के शव की खोज ने इस घृणित घटनाक्रम में नई तह जोड़ दी। शावक, जो पहले जंगल में शिकार करने वाला प्रमुख माना जाता था, उसकी शरीररचना पर जांच में असामान्य रक्तस्राव, फेफड़ों में जलन और कठोर श्वास की निशानियां मिलीं, जो संभावित विषाक्त पदार्थ या रोग के संकेत दे सकती हैं। स्थानीय वन विभाग के अधिकारी इस बात से परहेज नहीं कर पा रहे कि पिछले दो महीनों में इस अभयारण्य में कुल सात बाघों की मौतें दर्ज हुई हैं—जिनमें दो युवा बाघ और पाँच प्रौढ़ बाघ शामिल हैं। मृतकों में अधिकांश का वजन 180 किलोग्राम से अधिक था, जो इनके शारीरिक स्वास्थ्य की अत्यधिक उपस्थिति दर्शाता है। विज्ञानियों का मानना है कि बाघों की मौतें जल स्रोतों में मिल रहे विषैल पदार्थ, बैक्टीरियल संक्रमण या आनुवांशिक रोगों से जुड़ी हो सकती हैं। वन विभाग ने त्वरित जाँच के लिए डीएनए परीक्षण, रक्त विश्लेषण और पर्यावरणीय नमूने एकत्रित कर रहे हैं। प्रकृति प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इस पर सवाल उठाते हुए दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है, जबकि वन प्रबंधकों ने बाघ संरक्षण के लिए अधिक कड़ी निगरानी और स्वास्थ्य जांच का आश्वासन दिया है। Post navigation SRH बनाम KKR IPL 2026: कोलकाता ने हैदराबाद को 7 विकेट से हराया, युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी ने फिफ्टी मारी करनाल के हुड्डा ग्राउंड में भीषण आग, फायर ब्रिगेड ने बड़ी तबाही को रोका