मध्य एशिया में चल रहे संघर्ष का भारतीय बाजारों पर सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा. 39 दिनों की जंग के बाद दोनों देशों के बीच एक महीने से अधिक समय तक युद्धविराम की स्थिति बनी रही, लेकिन अब फिर से तनाव बढ़ने लगा है. इस बढ़ते तनाव के कारण क्षेत्रीय स्थिरता पर असर पड़ने की संभावना है, जिससे आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र दोनों प्रभावित हो सकते हैं. Post navigation विजय जुटा रहे हैं बहुमत, आलीशान रिसॉर्ट में AIADMK MLA कर रहे मौज! 'ममता दिल्ली से लड़ें, 17 करोड़ मुस्लिम साथ हैं', बांग्लादेशी सांसद का भड़काऊ बयान