भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर शुरुआत के साथ खुला। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। तेल महंगा होने से डॉलर की मांग बढ़ गई। विदेशी निवेशकों की पूंजी निकासी ने भी रुपये पर दबाव डाला। घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों कमजोर होकर कारोबार कर रहे थे। वैश्विक अनिश्चितताओं का असर भारतीय मुद्रा बाजार पर देखने को मिला। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के आयात खर्च को प्रभावित कर सकती हैं। विदेशी पूंजी के बहिर्वाह से स्थानीय मुद्रा कमजोर हुई। हालांकि पिछले सप्ताह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। Source: Source Post navigation अमेरिका में आयात कीमतों में बड़ा उछाल, जून में 7.1% की वार्षिक वृद्धि दर्ज शेयर बाजार में गिरावट के बीच सोना-चांदी के दामों में बड़ा बदलाव, खरीदारी से पहले जानें नए भाव