हल्का दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने अकाली दल वारिस पंजाब दे की सदस्यता ग्रहण कर ली है। पार्टी में शामिल होने से पहले उन्होंने गुरुद्वारा थड़ा साहिब पाठशाही छठी में अरदास की। इसके बाद चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने औपचारिक रूप से नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की। सदस्यता ग्रहण करने के बाद अयाली ने पंथक एकता को अपना प्रमुख उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब और पंथक विचारधारा से जुड़े सभी दलों और संगठनों को एक मंच पर लाने की जरूरत है। उनके अनुसार मौजूदा समय में पंथक ताकतों की एकजुटता बेहद महत्वपूर्ण है। अयाली ने कहा कि पंजाब और पंजाबियत से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से पंथक एकता के समर्थक रहे हैं। भविष्य में भी इसी दिशा में कार्य करते रहने की बात उन्होंने दोहराई। अयाली ने विभिन्न पंथक दलों से आपसी मतभेद भुलाकर साथ आने की अपील की। गुरुद्वारा परिसर में उनके समर्थकों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह कदम पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत माना जा रहा है। उनके पार्टी में शामिल होने से राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है। Source: Source Post navigation टीएमसी में बढ़ती बगावत से सियासी संकट गहराया, पंचायत से संसद तक असंतोष कांग्रेस सेवा दल विवाद में महादेव ऐप का एंगल, शिकायत पहुंची एसएसपी और पार्टी नेतृत्व तक