महादेव ऐप मामले में फरार आरोपी सौरभ चंद्राकर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि वह ओमान में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। बताया जा रहा है कि सौरभ ने ‘अजन्ता मेंडिस’ नाम से बने फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट का इस्तेमाल किया। दस्तावेजों में उसने अपना नाम और जन्मतिथि बदलकर पहचान छिपाने की कोशिश की। एजेंसियां अब इस फर्जी पासपोर्ट और उसकी विदेश में गतिविधियों की जांच कर रही हैं। इस खुलासे से सौरभ चंद्राकर की प्रत्यर्पण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। जांच एजेंसियां पूरे महादेव ऐप सिंडिकेट की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का उद्देश्य नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना है। फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को लेकर भी अलग से जांच की जा रही है। सौरभ चंद्राकर लंबे समय से एजेंसियों की नजर में था। महादेव ऐप मामले में कई अन्य आरोपियों और लेनदेन की जांच भी जारी है। Source: Source Post navigation पुणे जेल में कैदी के शरीर से मिला गांजा, मेटल डिटेक्टर बजने पर हुआ खुलासा बिहार में रिश्वत लेते SHO गिरफ्तार, 27 हजार रुपये लेते रंगे हाथों पकड़े गए