महादेव ऑनलाइन सट्टा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। ईबीआईएक्स कंपनी के मालिक विकास गर्ग की 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी का दावा है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां और दस्तावेज मिले हैं। एजेंसी के अनुसार, इन तथ्यों से मामले की जांच का दायरा और बढ़ सकता है। पूछताछ में वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और कथित अवैध धन के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की गई। ईडी का आरोप है कि विकास गर्ग के महादेव ऐप के मुख्य आरोपियों सौरभ चंद्राकर और अन्य से कारोबारी एवं वित्तीय संबंध रहे हैं। जांच के दौरान कथित वित्तीय लेनदेन और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी सामने आए हैं। एजेंसी अवैध धन के कथित मनी ट्रेल और निवेश के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। जांच में विदेशों में निवेश और लगभग 1,175 करोड़ रुपये के कथित अधिग्रहण से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। ईडी का कहना है कि अब पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर अन्य संदिग्धों और प्रभावशाली व्यक्तियों से भी पूछताछ की जाएगी। एजेंसी आने वाले दिनों में मामले में नई कार्रवाई और आगे की जांच कर सकती है। महादेव ऑनलाइन सट्टा मामला देश के प्रमुख आर्थिक अपराध मामलों में शामिल है और इसकी जांच लगातार जारी है। Source: Source Post navigation 39 मामलों में वांछित शातिर चोर गिरफ्तार, 26.31 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर बरामद हजारीबाग पुलिस ने मुठभेड़ के बाद राहुल दुबे गिरोह के दो सदस्यों को किया गिरफ्तार