संसद के मानसून सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार इन विधेयकों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर सकती है। इससे पहले अप्रैल में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण इन्हें पारित नहीं कराया जा सका था। पिछले कुछ महीनों में विपक्षी दलों के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की चर्चा है। ऐसे में सरकार को आवश्यक समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि विधेयकों को पारित कराने के लिए संवैधानिक प्रक्रिया और आवश्यक बहुमत जरूरी होगा। संसद में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की रणनीति पर सभी की नजर रहेगी। मानसून सत्र में इन विधेयकों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म रहने की संभावना है। अंतिम निर्णय संसद की कार्यवाही और सदन में मिलने वाले समर्थन पर निर्भर करेगा। Source: Source Post navigation सोनम वांगचुक की हिरासत के विरोध में प्रदर्शन, जंतर-मंतर से जबलपुर तक युवाओं ने उठाई आवाज पेपर लीक मामले पर मायावती सख्त, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई की मांग