मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब एशिया प्रशांत क्षेत्र के वाणिज्यिक रियल एस्टेट पर साफ दिखने लगा है। बढ़ती ऊर्जा लागत और महंगाई के कारण लॉजिस्टिक्स पार्क, रिटेल और ऑफिस सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। निवेश बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है क्योंकि ब्याज दरों में बदलाव की आशंका है। कच्चे तेल के दामों में उछाल से परिवहन और भंडारण लागत आसमान छू रही है। कंपनियां अपने ऑफिस लीज और गोदामों के विस्तार पर पुनर्विचार कर रही हैं। निर्माण सामग्री के दाम भी बढ़े हैं, जिससे नई परियोजनाएं धीमी पड़ गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि व्यापक आर्थिक चैनलों के जरिये यह प्रभाव और गहरा सकता है। सिंगापुर, हांगकांग और मुंबई जैसे शहरों में रिटेल स्पेस की मांग घटी है। निवेशक अभी ‘प्रतीक्षा और देखो’ की नीति अपना रहे हैं। आने वाले महीनों में यह स्थिति और स्पष्ट होगी।

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