SAS एयरलाइंस की कोपेनहेगन से मुंबई के लिए पहली सीधी उड़ान बीच रास्ते में ही वापस लौट गई, क्योंकि आवश्यक नियामक मंजूरी में देरी हो गई थी। कोपेनहेगन से रवाना हुआ विमान एजरबैजान के ऊपर से गुजर रहा था, तभी उसे वापस डेनमार्क जाने का निर्देश दिया गया। एयरलाइन ने पुष्टि की कि उसने सभी पूर्व तैयारियाँ पूरी कर ली थीं, लेकिन भारत सरकार से अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई थी। यह उड़ान 17 वर्षों के अंतराल के बाद स्कैंडिनेविया और भारत के बीच सीधी कनेक्टिविटी शुरू करने के लिए थी। अब प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस सेवा की शुरुआत होगी। प्रभावित यात्रियों को मदद और सहायता प्रदान की जा रही है। एसएएस ने कहा कि वह जल्द से जल्द मंजूरी प्राप्त कर उड़ान सेवा शुरू करने का प्रयास करेगी। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में नियामक अनुमोदन के महत्व को रेखांकित किया है। Source: Source Post navigation रूस: यूक्रेनी ड्रोन हमलों में सेंट पीटर्सबर्ग का ऑयल टर्मिनल आग की चपेट में, बड़े पैमाने पर हमले से हड़कंप क्या भारतीय दुनिया के सबसे अप्रिय पर्यटक बन रहे हैं? वियतनाम एयरपोर्ट पर गरबा ने फिर छेड़ा बहस