मुंबई में फ्लैट का कब्जा नहीं देने के मामले में दो बिल्डरों को दो साल की जेल की सजा सुनाई गई है। दोनों निर्माण कंपनी के साझेदार हैं। आयोग ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बिल्डरों को फ्लैट का निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया गया था। उन्हें फ्लैट के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट हासिल करने का भी आदेश दिया गया था। आरोप है कि बिल्डरों ने आयोग के पहले के आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने आयोग का रुख किया। आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान बिल्डरों के रवैये की जांच की। आयोग ने पाया कि दोनों ने उसके निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना की। आदेश का पालन नहीं करने को गंभीर उल्लंघन माना गया। इसके बाद दोनों साझेदारों के खिलाफ सजा का आदेश जारी किया गया। आयोग ने फ्लैट से जुड़े लंबित कार्य पूरे करने के निर्देश भी बरकरार रखे। मामले में बिल्डरों को खरीदारों को उनका अधिकार दिलाने के लिए निर्धारित आदेशों का पालन करना होगा। Source: Source Post navigation बिहार छात्र प्रदर्शन पर सरकार का SC में हलफनामा, 69 FIR और करीब 500 गिरफ्तारियों की जानकारी पटना हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, सरप्लस शिक्षकों के तबादले पर रोक; फिलहाल मौजूदा स्कूल में ही रहेंगे