लखनऊ में समाजवादी पार्टी के भागीदार प्रतीक यादव का निधन हो गया। मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव, जो बीजेपी की नेता हैं, ने कहा कि प्रतीक लंबे समय से डिप्रेशन में थे। उनकी इलाज की कोशिश भी फल नहीं दे रही थी। अपर्णा यादव ने कहा, “प्रतीक लंबे समय से मनोदर्शी जैसी विषयों में रुचि करते थे। इलाज की लगातर कोशिश हो रही थी, लेकिन स्वास्थ्य पर बदलाव नहीं हुआ।” प्रतीक के मृत्यु समय का चित्र करने वाले दवाएँ, इलाज की परिस्थिति और उनके बीजेपी की नेता अपर्णा यादव की वाक्यांशों में, इस समूह के लगातार प्रतिबिम्ब होने का प्रयास किया गया। उनकी डिप्रेशन और इलाज में विफलता, आंदोलन के लौट सक्षम परिदृश्य रही। प्रतीक यादव की मृत्यु की समस्या और इलाज से बातचीत करने वाली अपर्णा ने कहा, “हमने प्रतीक को छोटे बेटे रूप में देखा है। उनके स्वास्थ्य से जुड़ी निष्पक्ष प्रयासें की गईं, लेकिन इस रोग के खिलाफ हमने बहुत कम जीवन का समय मिला।” प्रतीक यादव की मृत्यु उन व्यक्ति के रोग और इलाज की कठिनाइयों पर सामना करने वाले देश के अन्य लोगों के महत्त्वपूर्ण समस्याओं का उदाहरण प्रदर्शित करती है। डिप्रेशन और स्वास्थ्य संबंधी निष्पक्ष चर्चा बढ़ेगी जो इस पर कई रोजगारों में शामिल है। यह दुनिया स्तर पर डिप्रेशन के औदय और नए विकल्प खोजने की महत्त्वपूर्ण कठिनाइयों का उदाहरण भी है। एक सुधार और बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली के अनुसार, देश को महत्त्वपूर्ण समय भी मिला है। अपर्णा यादव ने इलाज की प्रक्रिया के बारे में बताया कि, “प्रतीक सहमत थे कि हमने उनकी अस्तित्व संरक्षण में पूरा-शक्ति इलाज की कोशिश की, लेकिन यह रोग हमे उनके स्वास्थ्य को बदलने में अधिक समय लेने पर तैयार था।” अपर्णा और आंदोलन की दूसरी नेताओं ने इस मृत्यु पर संकल्प जारी रखा है, जिसमें डिप्रेशन के साथ-साथ अन्य लोकप्रिय और महत्त्वपूर्ण स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों पर केंद्रित होना है। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation टीसीएस कांडवाली निदा खान के & Anthropic now has more business customers than OpenAI, according to Ramp data