98 दिन चले ASI सर्वे में भोजशाला परिसर से मिले कमल, घंटियां, संस्कृत श्लोक, देवी-देवताओं की आकृतियां और यज्ञकुंड जैसे प्रमाणों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम माना. अदालत ने इन्हीं आधारों पर परिसर को मंदिर स्वरूप वाला स्थल मानते हुए पुराने आदेश को रद्द कर दिया और पूजा अधिकारों पर लगी रोक हटाने का निर्णय सुनाया. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation भदोही: स्पा सेंटर में नौकरी का झांसा देकर विधवा को देह व्यापार में धकेला तरबूज से बना दिया पुलाव! शेफ हरपाल सिंह की ये खट्टी-मीठी रेसिपी करें ट्राई