जिन टॉफियों को पहले छोटी दुकानों में या बच्चों के बैग में खरीदने की तलाश करते थे, वह अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी के एक पैकेट के रूप में गिफ्ट किए गए। इस घटना के बाद से, चैनलों और सोशल मीडिया पर इन टॉफियों के बारे में व्यापक चर्चा शुरू हुई।

मेलोडी टॉफी की मशहूर कंपनी Parle के जिन प्रबंधन संरचनाओं में काम करते हैं, वे इस मोमबत्ती में अवश्य शामिल हैं। Parle कंपनी ने टॉफी के बजट और उत्पादन संयंत्र पर विशेष पहचाना है। कंपनी की यह राजनीतिक गिफ्ट अब एक आम बात हो चुकी है और लोग इस प्रश्न के उत्तर देने में अति उत्सुक हैं कि Parle कंपनी का कितना सामान बनाए रखती है।

सोशल मीडिया पर शेयरिंग, टिप्पणियों और चर्चा के द्वारा पहचानी हुई इन गिफ्टों का मार्केटिंग अब बढ़ गया है। Parle कंपनी ने इसके लिए सही तरीके से प्रशासन की योजनाओं का पर्यवेक्षण किया है। मेलोडी टॉफी का विपणन और बचत से अधिक राजनीतिक गिफ्ट का उपयोग द्वारा यह प्रस्तुत किया जा रहा है।

इन टॉफियों से अवश्य इंटरनेशनल मार्केट की दृष्टि से प्रभाव भी महत्त्वपूर्ण है। Parle कंपनी ने अब इस पर ध्यान केंद्रित किया है और राजनीतिक गिफ्टों का मार्केटिंग और बजट उपयुक्त ढंग से प्रबंधित करने के लिए पैरामिशन दिया है। Parle कंपनी ने अपनी मार्केटिंग और विपणन सीखों का उपयोग करके, इन गिफ्ट टॉफियों के माध्यम से अपनी राजनीतिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं का वितरण करने में बढ़कर लड़ चुकी है।

इन टॉफियों से Parle कंपनी ने अपनी राजनीतिक प्रभावशाखा में बहुत अधिक आग्ली दर्जाओं को प्राप्त किया है। उनके राजनीतिक गिफ्ट की चर्चा और विशेष टॉफियों से आए पहचानी के बावजूद, Parle कंपनी अब इन गिफ्टों में अपनी राजनीतिक उत्पादन संयंत्रों का पर्यवेक्षण करके, तथा बढ़ते मार्केट और आम लोगों में उपलब्धता को दृष्टिस्थापना करने की कोशिश कर रही है।

अतः, Parle कंपनी ने अपने मेलोडी टॉफियों का प्रयोग राजनीतिक गिफ्ट के रूप में भी बढ़ावा दिया है। लोग अब सोशल मीडिया पर इन टॉफियों के बारे में चर्चा करते हुए, Parle कंपनी के नए तथा विकसित प्रचार संयम की भावना अवश्य जाहिर हो रही है।

🔗 Read original sourceAaj Tak