दिल्ली हाई कोर्ट ने राजधानी के यमुना बाढ़ क्षेत्र (ज़ोन-O) में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में दिल्ली नगर निगम (MCD) की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि इतने संवेदनशील क्षेत्र में निर्माण कार्य कैसे जारी रहा। यमुना किनारे बाढ़ क्षेत्र में लगातार हो रहे अतिक्रमण को लेकर चिंता जताई गई है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। मामले में MCD के इंजीनियरों की भूमिका की भी जांच के संकेत दिए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि पर्यावरण और नदी क्षेत्र की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इस तरह के निर्माण से बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। अदालत ने आगे की कार्रवाई के लिए विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। प्रशासन से कहा गया है कि अवैध निर्माण को तुरंत रोका जाए। Source: Source Post navigation सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: मृत भाई की संपत्ति पर बहन का अधिकार बरकरार हरियाणा के 12,700 गेस्ट टीचरों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, 2 महीने में नियमित करने के निर्देश