प्रधानमंत्री ने कहा है कि वे बढ़ती चिंता में हैं कि कई देशों के समर्थन से यूके में होने वाले प्रॉक्सी हमलों में एक पैटर्न उभर रहा है। इन हमलों में अक्सर छोटे-छोटे समूह या व्यक्तियों को दिग्गज देशों के समर्थन से कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है, जो सीधे कूटनीतिक संबंधों को खतरे में डालते हैं। सरकार अब इन खतरों को पहचानने और रोकने के लिए सायबर सुरक्षा, खुफिया एजेंसियों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि यह एक सामूहिक सुरक्षा चुनौती है, जिसके लिए घरेलू नीतियों के साथ-साथ विदेश में मजबूत डिप्लोमैटिक कदम आवश्यक हैं। उन्होंने कहा, “हम सभी संभावित स्रोतों पर नज़र रखेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके”। Post navigation मास्क पहने इरानी बलों ने दिखावे वाले वीडियो में जहाज़ों पर कर ली पकड़ न्यूज़ीलैंड की महान सुज़ी बैट्स अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेगी