अप्रैल 1987 में राजकुमारी डायना ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने एचआईवी और एड्स को लेकर लोगों की धारणा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लंदन के मिडलसेक्स अस्पताल में उन्होंने एचआईवी संक्रमित मरीज से बिना दस्ताने पहने हाथ मिलाया। उस समय बीमारी को लेकर समाज में डर और गलतफहमियां व्यापक थीं। कई लोग संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क से भी बचते थे। डायना के इस साधारण लेकिन साहसिक कदम ने इन धारणाओं को चुनौती दी। उन्होंने दिखाया कि केवल हाथ मिलाने से एचआईवी नहीं फैलता। इस घटना ने मरीजों के प्रति सहानुभूति और सम्मान का संदेश दिया। समाज से अलग-थलग किए जा रहे लोगों को इससे नई पहचान और गरिमा मिली। मीडिया में इस तस्वीर ने दुनिया भर का ध्यान आकर्षित किया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इसे जागरूकता बढ़ाने वाली ऐतिहासिक घटना माना। डायना की करुणा और संवेदनशीलता ने एड्स से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करने में मदद की। उनके इस कदम ने लोगों को भय के बजाय समझ और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। आज भी इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है।

Source: Source