अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंदे और खर्च के विवरण को लेकर नया विवाद सामने आया है। ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है, जिसमें बीते वर्षों के दान, खर्च, ऑडिट रिपोर्ट और बैंक खातों का पूरा ब्यौरा मांगा गया है। नोटिस में विशेष रूप से पिछले पांच से छह वर्षों के वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही भूमि खरीद से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत करने को कहा गया है। नोटिस में तीन दिनों के भीतर जवाब देने की समयसीमा तय की गई है। यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया तो कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस मामले ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े वित्तीय पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। विभिन्न पक्षों द्वारा ट्रस्ट से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई जा रही है। यह मुद्दा अब सार्वजनिक और कानूनी बहस का विषय बन गया है। ट्रस्ट की ओर से अभी तक इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

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