छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हाल ही में एक नई साइबर घोटाले की सूरत सामने आयी है। अपराधियों ने निजी अस्पताल रामकृष्ण केयर के प्रबंध निदेशक (एमडी) के नाम का दुरुपयोग करते हुए, सोशल मीडिया और मोबाइल कॉल के जरिए आम जनता को पैसे जमा करने के लिये उकसाया। इन ठगी में वार्ताकार ने स्वयं को अस्पताल के औपचारिक प्रतिनिधि बताकर, आपातकालीन मेडिकल खर्च या डॉक्टरों की फीस के नाम पर अग्रिम राशि की मांग की।

पड़ोसी क्षेत्रों तथा शहर के विभिन्न हिस्सों में कई पीड़ितों ने इस धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। रायपुर सिटी पुलिस ने तुरंत मामला संज्ञान में लेते हुए साइबर क्राइम सेल को हायर किया और प्रभावित लोगों के मोबाइल नंबरों व चैट रिकॉर्ड्स की जांच शुरू की।

पुलिस ने कहा कि ऐसे घोटालों में अक्सर नकली दस्तावेज़, आधिकारिक ईमेल और फर्जी वेबसाइटों का सहारा लिया जाता है, जिससे पीड़ितों को भरोसा हो जाता है। सुरक्षा के लिहाज से नागरिकों को सतर्क रहने, किसी भी वित्तीय लेन‑देन से पहले प्रामाणिकता की पुष्टि करने और अनजान कॉल या संदेशों पर तुरंत जवाब न देने की सलाह दी गई है।

रायपुर पुलिस ने मामले की प्रगति पर नजर रखने तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया है।