रायपुर ग्रामीण पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के झांसे को उजागर कर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि उन्होंने 34 व्यक्तियों को नकली नियुक्ति पत्र, वेतन स्लिप और अन्य प्रलेख प्रदान करके लगभग 1.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार करने वाले ये अपराधी, वास्तविक सरकारी विज्ञापनों का दिखावा कर पीड़ितों से अग्रिम भुगतान वाचिक रूप से मांगा। जमा की गई धनराशि को तुरंत निजी खातों में स्थानांतरित कर लेटे थे। पुलिस ने बताया कि दो मुख्य आरोपी, एक पूर्व शिक्षक और एक व्यापारिक दलाल, इस संगठित जाल के प्रमुख संचालक थे। वर्तमान में उन्हें जमानती बंधक पर रख कर, आगे की पूछताछ जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, फर्जी जॉब स्कीम के तहत झुंझलाए कई लोग अब तक पेशेवर सहायता नहीं पा पाए थे। पुलिस ने जनता से कहा कि सरकारी रोजगार के आधिकारिक विज्ञापन केवल आधिकारिक पोर्टल या सराकारी सूचना केंद्रों पर ही जांचें और किसी भी अग्रिम भुगतान से पहले अधिकारिक पुष्टि करें। इस मामले में सताए गए 34 पीड़ितों को追回 करने की दिशा में प्रयास जारी हैं, और पुलिस ने सार्वजनिक चेतावनी जारी कर समान प्रकार के धोखाधड़ी के खिलाफ सतर्कता बरतने का आग्रह किया। Post navigation रायपुर पुलिस में 136 कर्मचारियों का बड़े पैमाने पर तबादला – SI से कांस्टेबल तक नई नियुक्तियां छत्तीसगढ़ के ऊधम सिंह नगर में 8‑साल की बच्ची के खिलाफ दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी