वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय ने रायपुर में 27 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट धोखाधड़ी के पर्दाफाश किए हैं। जांच में पता चला कि एक बड़े सिंडिकेट ने सरकारी खजाने को खोखला करने के लिये कई नकली बिल तैयार किए और उन पर GST रिटर्न दाखिल कर अंवशेष टैक्स को चुराया। इस तस्करी के प्रमुख को रोहन तन्ना पहचाना गया, जिन्हें अब जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने इस सिलसिले में कई संदेहित व्यापारियों और लेखाकारों को हिरासत में लेकर सबूत एकत्र किए। इस मामले में प्रभावित सरकारी खातों की राशि लगभग 27 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। प्रशासन ने कहा कि आगे की जांच के साथ साथ दायित्वपूर्ण और पारदर्शी कर प्रशासन सुनिश्चित करने के लिये सख्त कदम उठाए जाएंगे। Post navigation छत्तीसगढ़ के कैबिनेट ने 2026 में शहरी गैस वितरण नीति मंजूर की, पाइपलाइन से सस्ती गैस की व्यवस्था छत्तीसगढ़ ‘सेवा सेतु’ पोर्टल से 441 सरकारी सुविधाएँ अब घर से ही मिलेंगी