भारतीय कंपनियां अनुभवी कर्मचारियों के ज्ञान और विशेषज्ञता को सुरक्षित रखने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग बढ़ा रही हैं। इसका उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद भी महत्वपूर्ण संस्थागत जानकारी को उपलब्ध बनाए रखना है। जेएसडब्ल्यू ग्रुप और सन फार्मा जैसे बड़े उद्योग समूह इस दिशा में एआई आधारित प्रणालियां विकसित कर रहे हैं। ये सिस्टम वर्षों के परिचालन अनुभव और उपलब्ध डेटा के आधार पर कर्मचारियों के सवालों के जवाब देने में सक्षम हैं। इससे संगठन के भीतर ज्ञान का बेहतर संरक्षण संभव हो रहा है। पार्ले प्रोडक्ट्स भी अपने व्यापक उपभोक्ता वितरण नेटवर्क को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एआई का उपयोग कर रही है। कंपनियां एआई को केवल सहायक तकनीक नहीं, बल्कि अपने मुख्य व्यावसायिक संचालन का हिस्सा बना रही हैं। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज और सटीक होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति भविष्य में उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। भारतीय उद्योग जगत में एआई का यह बढ़ता उपयोग डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। Source: Source Post navigation स्वास्थ्य क्षेत्र ने अतिरिक्त क्षमता को लेकर यूएसटीआर के दावे का किया विरोध सैन फ्रांसिस्को की अग्रणी एआई लैब में यश जैन का प्रेरणादायक सफर