नगर निगम ने रिहायशी क्षेत्रों में संचालित पीजी और गेस्टहाउस का सर्वे करने का फैसला किया है। इस अभियान का उद्देश्य नियमों के अनुपालन की जांच करना है। अधिकारियों ने ऐसे प्रतिष्ठानों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करने की योजना बनाई है। साथ ही नगर निगम ने 100 बड़े बकायादारों की पहचान की है। इन डिफॉल्टरों पर कुल 229 करोड़ रुपये का बकाया बताया गया है। निगम बकाया राशि की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित विभागों को सर्वे और सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन राजस्व बढ़ाने और शहरी नियमन को प्रभावी बनाने पर जोर दे रहा है। Source: Source Post navigation नलों से मटमैला पानी आने पर लोगों ने पैकेज्ड पानी का सहारा लिया गुजरात में 38 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया