भारतीय सेना ने ऊंचाई वाले इलाकों में ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने के लिए एक्सट्रीम वेदर ग्रेड डीजल का इस्तेमाल शुरू किया है। यह विशेष ईंधन लद्दाख जैसे बेहद ठंडे क्षेत्रों में सैन्य वाहनों की आवाजाही को बेहतर बनाएगा। सामान्य डीजल शून्य से नीचे तापमान में जमने लगता है और फिल्टर को जाम कर सकता है। XWG डीजल को इस समस्या से निपटने के लिए विकसित किया गया है। यह ईंधन माइनस 42 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। इससे बर्फीले इलाकों में तैनात सेना के वाहनों की विश्वसनीयता बढ़ेगी। यह कदम एलएसी और एलओसी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सैन्य तैयारियों को मजबूत करेगा। अत्यधिक ठंड वाले क्षेत्रों में ईंधन की उपलब्धता और वाहन संचालन एक बड़ी चुनौती होती है। नए ईंधन से सेना को कठिन मौसम परिस्थितियों में बेहतर गतिशीलता मिलेगी। यह तकनीकी सुधार सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद करेगा। Source: Source Post navigation कुलगाम में प्रवासी मजदूरों की हत्या और PoK प्रदर्शन के बीच उठे सवाल, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क चावल कारोबारी की हत्या का खुलासा: बिजनेस अच्छा चलने से नाराज था दोस्त, कैंची-पाना से मारकर उतारा था मौत के घाट