देश की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में 24 मई को जनजातीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक चेतना का विराट संगम देखने को मिला, जब भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष (Bhagwan Birsa Munda 150th Birth Anniversary) के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर से हजारों जनजातीय प्रतिनिधि, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता तथा पारंपरिक समुदायों के लोग एक मंच पर एकत्र हुए। : Source Post navigation कॉक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक को जान से मारने की धमकी बेंगलुरु में पीएम मोदी के काफिले मार्ग पर विस्फोटक मिलने पर 6 पुलिसकर्मी निलंबित