यास्तिका भाटिया ने करियर को खतरे में डालने वाली चोट के बाद शानदार वापसी की है। उन्होंने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनकर इतिहास रच दिया। यास्तिका ने अपनी इस उपलब्धि को बेहद भावुक पल बताया। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स में शतक लगाना उनके लिए भगवान के सामने खड़े होने जैसा अनुभव था। चोट के बाद वापसी का सफर उनके लिए आसान नहीं था। इस दौरान उन्हें कई लोगों का समर्थन मिला। यास्तिका ने अपनी यात्रा में स्मृति मंधाना के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बातचीत को भी याद किया। उन्होंने वडोदरा, अपने कोचों और मार्गदर्शकों से मिले सहयोग के लिए आभार जताया। भारतीय महिला क्रिकेट में इस उपलब्धि को बड़ी सफलता माना जा रहा है। यास्तिका अब भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों और ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने का लक्ष्य रखती हैं। उनकी मेहनत और संघर्ष युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गया है।

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