ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में ‘वन वर्ल्ड एकेडमी’ नाम के तहत चल रहा फर्जी बी.एड सर्टिफ़िकेट नेटवर्क छात्रों को धोखा दे रहा था। इस गिरोह ने 300 से अधिक aspirants से कई करोड़ रुपये एकत्र किए, मुनाफ़े के लिए नकली प्रमाणपत्र जारी किए। जांच के बाद पता चला कि ये धोखाधड़ी सिर्फ प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं, सरकारी नौकरियों और विदेश में पढ़ाई के वादे तक फैल गई थी। छात्र अक्सर ऑनलाइन भुगतान पोर्टलों और झूठे दस्तावेज़ों के माध्यम से फंसते हुए खुद को सुरक्षित समझते रहे। पुलिस ने इस मामले में कई मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और ठगी की कुल राशि को लाखों में अनुमानित किया। यह केस एक बार फिर शिक्षा क्षेत्र में जुड़ी फ़र्ज़ी योजनाओं को रोकने की आवश्यकता को उजागर करता है, जहाँ छात्रों को सतर्क रहने और प्रमाणित संस्थानों से ही संपर्क करने की सलाह दी गई है। Post navigation एनपीटी शिखर सम्मेलन: क्या परमाणु समझौता यूएस‑इज़राइल‑इरान युद्ध से बचेगा? प्रीति केस: शादीशुदा महिला की संदिग्ध मौत के पीछे पति का अफेयर आरोप, सालगिरह के 10 दिन बाद जाँच में उलझन