सरकार ने वीवीआईपी व्यक्तियों की गतिविधियों और आवागमन से जुड़ी गोपनीय जानकारियों के लीक होने पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। गृह मंत्रालय ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और अन्य शीर्ष नेताओं के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इससे सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर सेंध लगने की आशंका पैदा हो गई थी। अब किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बिना अनुमति के ऐसी सूचनाएं साझा करने पर पाबंदी लगा दी गई है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राजद्रोह और आधिकारिक गुप्तांक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों में डिजिटल सुरक्षा ऑडिट कराने का भी आदेश दिया है। इसके तहत ई-मेल, व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफार्मों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को दोषियों की पहचान करने के लिए फॉरेंसिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम समय पर उठाया गया है। सरकार ने जनता से भी अपील की है कि वे ऐसी लीक जानकारी को फैलाने से बचें। इस सख्ती से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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