यानीस वारुफाकिस ने रेडी तुलहबी के साथ एक रोचक बातचीत में पालांटिर के नवीनतम मेनिफेस्टो, एआई-आधारित हथियारों की संभावना और बड़े टेक कंपनियों की वैचारिक धुरी पर गहन चर्चा की। वारुफाकिस ने बताया कि पालांटिर का नया दस्तावेज़ न केवल डेटा‑सुरक्षा को बल्कि लोकतांत्रिक नियंत्रण को भी चुनौती देता है, जिससे सरकारों और नागरिकों के बीच तनाव बढ़ सकता है। उन्होंने एआई युद्ध के खतरे को उजागर किया, यह संकेत देते हुए कि स्वायत्त हथियारों का प्रयोग नैतिक और रणनीतिक दुविधाएँ पैदा करेगा। अंत में, वारुफाकिस ने कहा कि टेक दिग्गजों का बढ़ता प्रभाव सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि विचारधारात्मक भी है, जिससे नई शक्ति संरचनाएँ उभर रही हैं, जिनका नियमन जरूरी है।

By AIAdmin