जर्मन ऑटोमोटिव दिग्गज वॉल्क्सवागन ग्रुप ने अमेरिकी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता रिवियन एंटरप्राइजेज में अपने निवेश को बढ़ाते हुए प्रमुख शेयरधारक बन गया है। 5.8 बिलियन डॉलर के संयुक्त उद्यम समझौते के तहत वॉल्क्सवागन ने अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल की, जिससे अमेज़न की पहले की प्रमुख स्थिति समाप्त हो गई।

रिवियन, जो अपनी हाई-परफ़ॉर्मेंस इलेक्ट्रिक ट्रकों और SUV पर फोकस करता है, ने अब वॉल्क्सवागन की तकनीकी expertise और वैश्विक नेटवर्क का लाभ उठाने की योजना बनाई है। दोनों कंपनियों ने सहयोग के तहत नई बैटरी तकनीक, कॉम्पैक्ट प्लेटफ़ॉर्म और सस्पेंस्ड प्रोडक्ट लाइन विकसित करने का लक्ष्य रखा है।

वॉल्क्सवागन का इस कदम का प्रमुख कारण इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करना बताया गया है। कंपनी ने कहा कि रिवियन के साथ साझेदारी से वह अमेरिकी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर सकेगा और नई तकनीकों को तेज़ी से अपनाने में सक्षम होगा।

अमेज़न ने पहले रिवियन में करीब 33% हिस्सेदारी के साथ प्रमुख निवेशक की भूमिका निभाई थी, पर अब उसके निवेश के हिस्से को घटाया गया है। इस बदलाव से निवेशकों को रिवियन के भविष्य के विकास路线 में वॉल्क्सवागन के प्रभाव को समझने का संकेत मिलता है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस नई शेयरधारक संरचना से रिवियन की पूँजी संरचना में स्थिरता आएगी और बड़े पैमाने पर उत्पादन लक्ष्य पूरे करने में मदद मिलेगी। यह विकास भारतीय और विश्व स्तर के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में भी गहरा असर डाल सकता है।