पंजाब से दिल्ली जा रहे किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोक दिया गया, जिसके बाद एक बार फिर किसान आंदोलन तेज हो गया है। किसान फरवरी में घोषित प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध कर रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी चिंता इस समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्र को लेकर है। किसानों का कहना है कि अमेरिका से सस्ते कृषि उत्पादों के आयात से घरेलू फसलों की कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसके अलावा किसान अपनी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग भी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह समझौता किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों को प्रभावित कर सकता है।

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