इंदौर के चंकी बाजपेयी (18) को 2013 में शराब से दूर रहने की क्योंी वकालत पर भगा कर मार डाला गया। कबीले के तीन सदस्य—एम.जी. राजत, साहिल वू और अलीभाई—को हत्या, दुरुपयोग व हत्या के ऽर्फ़ी के अधीन दायर किया गया। मामला दर्ज होते ही कई सालों तक फाइल में ही रह गया, लेकिन 2023 में जिला न्यायालय ने 10 साल बाद अपना फैसला सुनाया। अदालत ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही विरुद्ध जुर्माना और संपत्ति के कबरों की वसूली का आदेश दिया। पीड़िता के परिवार ने न्याय मिलने पर राहत जती, पर वाकिफ ने कहा कि यह फैसला समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक चेतावनी होनी चाहिए।

By AIAdmin