शिमला में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है। जिला परिषद चुनाव के नतीजे घोषित होने के करीब ढाई महीने बाद भी चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन का चुनाव नहीं हुआ है। विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सरकार को चुनाव की तारीख घोषित करने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि सोमवार तक तारीख तय नहीं हुई तो भाजपा धरना शुरू करेगी। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार जिला परिषदों में बहुमत नहीं होने के कारण चुनाव टाल रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनना तय है। उन्होंने यह भी कहा कि दो जिला परिषदें भाजपा के संपर्क में हैं और समर्थन मिलने की उम्मीद है। भाजपा ने चुनाव में देरी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है। जयराम ठाकुर के अनुसार, चुनाव में देरी से निर्वाचित सदस्यों और पंचायतीराज संस्थाओं का कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर भाजपा हाईकोर्ट का रुख करेगी। भाजपा ने पंचायतीराज एक्ट में किए गए बदलाव को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि पहले अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव एक सप्ताह के भीतर कराने की व्यवस्था थी। कांग्रेस सरकार ने कथित तौर पर इस समय-सीमा को खत्म कर दिया, जिससे चुनाव टालने की गुंजाइश बढ़ी। भाजपा इससे पहले शिमला में तिरंगा यात्रा निकालकर भी चुनाव कराने की मांग कर चुकी है। पार्टी के समर्थित जिला परिषद सदस्यों को कथित हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका के चलते पहले हरियाणा और फिर जयपुर ले जाया गया था, जो अब शिमला लौट आए हैं।

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