अपनी स्थापना के 60 साल पूरे होने पर शिवसेना (यूबीटी) ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है। उद्धव ठाकरे ने वफादार सांसद राजाभाऊ वाजे को पार्टी की वर्षगांठ समारोह के लिए व्यक्तिगत निमंत्रण भेजा है। राजाभाऊ वाजे ने दल-बदल के तमाम प्रस्तावों को ठुकराते हुए ठाकरे के प्रति अपनी निष्ठा बरकरार रखी है। वाजे ने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए पार्टी की विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस बीच, पार्टी के बागी सांसद दलबदल विरोधी कानून के डर से इस कार्यक्रम से दूरी बनाए हुए हैं। वर्तमान में उद्धव ठाकरे के खेमे के साथ केवल तीन सांसद ही मजबूती से खड़े नजर आ रहे हैं। छह बागी सांसदों का इस कार्यक्रम में शामिल न होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजाभाऊ वाजे अब यूबीटी गुट के प्रतिरोध के एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरकर सामने आए हैं। यह आयोजन शिवसेना के भीतर चल रहे वर्चस्व की लड़ाई के बीच हो रहा है। पार्टी समर्थकों में इस बात को लेकर काफी उत्सुकता है कि आगे के दिनों में राजनीतिक समीकरण क्या मोड़ लेंगे। उद्धव ठाकरे गुट के लिए यह समय अपनी खोई हुई पकड़ को फिर से मजबूत करने का है। Source: Source Post navigation जी7 शिखर सम्मेलन में बेटी के साथ पहुंचीं जॉर्जिया मेलोनी, सबका ध्यान खींचा उमेश पटेल का सरकार पर हमला, बिजली दरें वापस लेने और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग