शिवसेना (UBT) के सांसद ओमराजे निंबालकर ने आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल होकर महायुति की बड़ी जीत दर्ज की है। इस घटनाक्रम को सत्तारूढ़ गठबंधन ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत अपनी एक बड़ी सफलता करार दिया है। निंबालकर ने इस दल-बदल के पीछे सत्ता से बाहर रहने की असुविधा और स्थानीय चुनावों में मिली हालिया हार को मुख्य कारण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे राज्य की मुख्यधारा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। अपने पिता की हत्या के मामले को लेकर, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई चर्चा का भी जिक्र किया। निंबालकर ने भरोसा दिलाया कि उनके चाचा पद्मसिंह पाटिल के खिलाफ उनका रुख अभी भी अडिग है। इस बड़े बदलाव को लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी खेमे के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। महायुति नेताओं ने निंबालकर के आने से उस्मानाबाद और आसपास के क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत होने का दावा किया है। दल बदलने के बाद निंबालकर ने क्षेत्र के विकास के लिए सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का वादा किया है। यह कदम महाराष्ट्र की राजनीति में समीकरणों को तेजी से बदलते हुए देखा जा रहा है। सियासी गलियारों में इसे आगामी चुनावों के लिए एक बड़ी रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है।

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