पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में जलभराव वाले क्षेत्रों में खुले बिजली के तारों और विद्युत बॉक्स को लेकर छात्रों ने गंभीर सुरक्षा चिंताएं उठाई हैं। छात्रों द्वारा साझा किए गए वीडियो में बारिश के ठहरे पानी के पास बिजली के उपकरण दिखाई दे रहे हैं। ऐसे स्थान पैदल चलने वाले छात्रों और कर्मचारियों के लिए संभावित खतरा बन गए हैं। यह मामला एक शोध छात्र की कथित करंट लगने से हुई मौत के बाद और अधिक गंभीर हो गया है। छात्रों ने पूरे परिसर का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है। उन्होंने सभी विद्युत प्रतिष्ठानों का तत्काल निरीक्षण करने की भी अपील की है। छात्रों का कहना है कि जोखिम वाले स्थानों की जल्द पहचान कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए। परिसर में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की मांग भी की गई है। उनका मानना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है। विश्वविद्यालय प्रशासन से सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जा रही है। परिसर में छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग लगातार उठ रही है। मामले ने विश्वविद्यालय में बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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