सक्ती जिले में खाद की कालाबाजारी और अनियमित बिक्री के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने सात खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर जिलेभर में जारी छापामार अभियान के तहत की गई है। इस सख्ती से खाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जांच में खाद के भंडारण, स्टॉक और बिक्री में अनियमितताएं पाई गईं। इसी आधार पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई है। कृषि उप संचालक तरुण प्रधान ने बताया कि सभी प्रभावित दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। जवाब नहीं मिला तो खाद विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द प्रशासन ने साफ कहा है कि यदि तय समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संबंधित खाद विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जिन खाद दुकानों के लाइसेंस फिलहाल निलंबित किए गए हैं, उनमें साराडीह के कोमल प्रसाद जायसवाल, फगुरम के योगेश कुमार अग्रवाल, भातमाहूल का सक्ती आधुनिक एफपीओ, सक्ती का किसान खाद भंडार, बाराद्वार के विकास कुमार अग्रवाल, कुधरी के आदित्य ट्रेडर्स और लवसरा का धन लक्ष्मी कृषि केंद्र शामिल हैं। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को निर्धारित दर पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना है, जिसके लिए जिले में लगातार निगरानी की जा रही है। जांच के दौरान कई दुकानों पर स्टॉक और बिक्री रजिस्टर में अंतर पाया गया। साथ ही, निर्धारित नियमों का उल्लंघन भी सामने आया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। कृषि उप संचालक तरुण प्रधान ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग द्वारा खाद दुकानों की नियमित जांच आगे भी जारी रहेगी। कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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