संयुक्त राज्य और यूनाइटेड किंगडम का रिश्ता द्वितीय विश्व युद्ध के बाद निर्मित ‘विशेष संबंध’ पर आधारित रहा है, जिसमें दोनों देशों ने सैन्य, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग के कई शिखर देखे। 1945‑1949 में युद्ध के बाद का सहयोग, शीत युद्ध में NATO की स्थापना, 1991 के बाद आतंकवाद के खिलाफ 9/11 के बाद खासी सामरिक साझेदारी, और व्यापार व विज्ञान में निरंतर सहयोग ने इस गठबंधन को मजबूती दी। लेकिन सहर‑ऊपरतापुक्त मोड़ भी रहे – 1956 का स्यूज़ संकट, 2003 का इराक युद्ध, हालिया ट्रेड टैरिफ़ एवं जलवायु नीति में असहमति ने संबंधों में तनाव उत्पन्न किए। इन सबके बीच, इस सप्ताह किंग चार्ल्स III की अमेरिकी यात्रा का उद्देश्य दो देशों के बंधन को पुनः सुदृढ़ करना था, परन्तु कुछ प्रमुख मुद्दों पर मतभेद ने कई मुलाक़ातों में टेंशन दिखा दी। व्यापार समझौतों, रक्षा सहयोग और जलवायु परिवर्तन पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने हितों को लेकर कठोर रुख अपनाया, जिससे ‘स्पेशल रिलेशनशिप’ की वर्तमान स्थिति में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।