सहारनपुर के ITC रोड पर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किए गए बुलडोजर कार्य को लेकर स्थानीय दलित परिवारों ने विरोध किया। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने प्रभावित घरों का दौरा कर इस कदम को “अन्याय” कहा। उन्होंने 7 मई को जिला प्रशासन कार्यालय में धरने का एलान किया और अगर कार्रवाई रोक नहीं मिली तो सड़क से विधानसभा तक मार्च करने की चेतावनी दी। आंदोलनकर्ता कहते हैं कि बुलडोजर से कई घरों का नवनिर्माण खंडित हो गया और बुनियादी सुविधाओं की पहुँच बाधित हुई। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि कार्य कानूनी अनुमति के तहत और शहरी विकास योजना के भाग के रूप में किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत बुनियादी ढांचे में सुधार के उद्देश्य से शुरू किया गया यह प्रोजेक्ट अब सार्वजनिक विरोध का सामना कर रहा है। सांसद ने भविष्य में इस तरह के कार्यों में स्थानीय समुदाय की राय को अनदेखा न करने का आग्रह किया। यह प्रकरण शहर में विकास, सामाजिक न्याय और सरकारी नीतियों के मिलेजुले प्रभाव को उजागर कर रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश की शहरी योजना प्रक्रिया पर पुनर्विचार की मांग बढ़ रही है। Post navigation बांग्ला विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद टीएमसी कार्यालय में बलपूर्वक ध्वस्तिकरण, स्थानीय तनाव बढ़ा PM समेत मंत्रियों ने बदली ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर DP