कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पद छोड़ने से पहले अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक में भावुक होकर सहयोगियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में उन्होंने जो कुछ भी किया, वह पूरी तरह पार्टी हित में था। इस दौरान अगर कभी उन्होंने किसी पर चिल्लाया या किसी से रूठे तो उसे दिल पर न लेने की अपील की। सिद्दारमैया ने कहा कि पार्टी के लिए नियम-अनुशासन का पालन करना जरूरी था, इसलिए कभी-कभी सख्ती बरतनी पड़ी। उन्होंने सभी सहयोगियों के योगदान की सराहना की और उनका शुक्रिया अदा किया। कैबिनेट मंत्रियों ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व की तारीफ की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। यह बैठक सिद्दारमैया के राजनीतिक करियर की एक भावनात्मक विदाई बन गई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वह जल्द ही नया पदभार ग्रहण कर सकते हैं। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ में बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत: दो उपमुख्यमंत्रियों का फॉर्मूला हो सकता है खत्म, भाजपा शीर्ष नेतृत्व करेगा समीक्षा BJP ने चार राज्यों में बदले प्रदेश अध्यक्ष, दिल्ली की कमान हर्ष मल्होत्रा को सौंपी