देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी NTA पर NEET पेपर लीक विवाद के बाद गंभीर सवाल उठे हैं. सरकारी दस्तावेज़ों से पता चला है कि NTA का गठन केवल 50 रुपये की मामूली फीस पर एक अस्थायी ‘सोसायटी मॉडल’ के तहत किया गया है, जो UPSC और SSC जैसी संस्थाओं के मजबूत वैधानिक ढांचे से काफी कमजोर है.

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