फरीदाबाद के सेक्टर-19 में सीवर सफाई के दौरान कर्मचारी जोगिंदर पहलवान की दम घुटने से हुई मौत के मामले ने प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य करम सिंह कर्मा ने इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए नगर निगम अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले पांच वर्षों में नगर निगम ने सुरक्षा उपकरणों और संसाधनों पर लगभग ढाई करोड़ रुपये खर्च किए हैं, लेकिन इसके बावजूद 13 सफाईकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। नियमों के अनुसार सीवर में उतरने के लिए ऑक्सीजन मास्क, गैस सिलेंडर और सुरक्षा जैकेट जैसे उपकरण अनिवार्य हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में इनका घोर अभाव पाया गया है। आरोप है कि जेई और एसडीओ स्तर के अधिकारी इन उपकरणों को मुहैया कराने में बरती जा रही गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं। साथ ही, सीवर सफाई का काम करने वाली निजी एजेंसियों का कोई सुरक्षा ऑडिट भी नहीं होता। सफाई कर्मचारी संघ ने अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई है। नगर निगम प्रशासन ने अब संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है और बिना सुरक्षा किट के सीवर में उतरने पर पूर्ण प्रतिबंध के सख्त निर्देश जारी किए हैं। Source: Source Post navigation एनएच-152डी पर बढ़ते हादसों से बढ़ी चिंता, चार साल में कई जानलेवा दुर्घटनाओं ने बनाया ‘डेथ रोड’ पानीपत: 10 साल की बच्ची से फूफा ने की दरिंदगी, नशीली गोलियां खिलाकर दिया वारदात को अंजाम, होश आने पर बताई आपबीती