सीबीएसई 10वीं परिणाम जारी होते ही सुकमा के दूरस्थ गांव से आएगी योगहाना ने अपना इतिहास रचा। 96.2% अंक लेकर वह पूरे जिले की टॉपिंग कर गईं, जिससे यह साबित हो गया कि कष्टप्रद परिस्थितियों में भी बाधाएं नहीं रोक सकतीं सपनों को। योगहाना की पढ़ाई में उनका दृढ़ संकल्प और माँ‑बाप की प्रेरणा मुख्य भूमिका निभाती है, जो दोनों ही भारतीय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में परजीवी हैं और अक्सर पदों से दूर रहती थीं। अपने अभिभावकों के अनुशासन और राष्ट्रीय सेवा के मूल्यों से प्रभावित होकर उन्होंने पढ़ाई को अपना मिशन बना लिया। इस उपलब्धि से न सिर्फ उनका परिवार गर्वित है, बल्कि दूरस्थ इलाकों के कई विद्यार्थियों को भी यह संदेश मिल रहा है कि मेहनत और परिवारिक समर्थन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। Post navigation ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया: मैं जीवित हूँ, सीक्रेट सर्विस की बहादुरी को सलाम पटन में रिज़र्व गार्ड की आत्महत्या, पुलिस ने गले लगाया; सामने आया हैरान करने वाला कारण