सैमसंग ने करीब 16 साल पहले एक क्रांतिकारी प्रयोग करते हुए ऐसा मोबाइल फोन पेश किया था, जो धूप से चार्ज होने की क्षमता रखता था। इसके पिछले हिस्से में सोलर पैनल लगाया गया था। हालांकि, उस दौर में यह तकनीक बहुत अधिक सफल नहीं हो पाई थी, लेकिन वर्तमान में ऊर्जा के टिकाऊ स्रोतों की बढ़ती मांग को देखते हुए कई टेक कंपनियां फिर से सोलर-पावर्ड फोन लॉन्च करने की योजना बना रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सौर ऊर्जा की तकनीक में आए सुधारों के बावजूद स्मार्टफोन की बढ़ती बैटरी खपत एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सौर पैनलों की सीमित दक्षता और फोन के आकार को लेकर तकनीकी बाधाएं अभी भी बरकरार हैं। फिर भी, भविष्य के ईको-फ्रेंडली गैजेट्स के लिए यह दिशा काफी महत्वपूर्ण है। क्या नई कंपनियां इस पुरानी तकनीक को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से ढाल पाएंगी, यह देखना दिलचस्प होगा। Source: Source Post navigation WhatsApp के नए फीचर से DP देखकर पता चलेगा कौन है ऑनलाइन, ग्रीन डॉट से मिलेगी जानकारी अमेज़न सीटीओ वर्नर वोगल्स का सुझाव: बढ़ते AI खर्चों के कारण कंपनियां अपना रही हैं ‘ओपन-सोर्स’ मॉडल