सोमालिया के कई प्रांतों में गंभीर सूखा जारी है, जिससे 5 लाख से अधिक लोग अपनी घरों से बेघर हो गए हैं। इन विस्थापित समुदायों को अब भोजन, साफ पानी और बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की अभाव झेलनी पड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय दान में भारी कटौती के कारण मानवीय सहायता के स्रोत घट गए, जिससे आशा की किरण धुंधली होती जा रही है। किसान फसलें नष्ट हो रही हैं, पशुपालन पर भारी असर पड़ा है और बाजारों में खाद्य कीमतें अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई हैं। इस भयावह स्थिति में, स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से तात्कालिक फंड और राहत सामग्री की जरूरत है, वरना कई परिवारों के लिए मृत्यु का खतरा बढ़ता रहेगा। Post navigation केदारनाथ में उमड़ी श्रद्धा, 3 लाख से अधिक यात्रियों ने किया दर्शन: चार्द्म यात्रा 2026 की सफलता भारत-न्यूज़ीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर मुहर: $20 अरब निवेश और 5,000 वर्किंग वीज़ा की संभावना