हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल स्टाफ की कमी का हवाला देकर महिला कर्मचारी को चाइल्ड केयर लीव देने से इनकार नहीं किया जा सकता। यह फैसला सेंट्रल जेल की एक महिला वार्डर की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। महिला कर्मचारी को स्टाफ की कमी का कारण बताकर अवकाश देने से मना कर दिया गया था। अदालत ने इस निर्णय को उचित नहीं माना। हाईकोर्ट ने कहा कि पात्र कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। प्रशासनिक कठिनाइयों के आधार पर ऐसे अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को नियमों के अनुरूप निर्णय लेने के निर्देश दिए। फैसले में कर्मचारी कल्याण और सेवा नियमों के पालन पर जोर दिया गया। यह आदेश समान मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।

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